कितना कुछ किया जा सकता था “दो कौड़ी के खेल में”

अगर ये इस नाटक का पहला मंचन होता तो इस समीक्षा का शीर्षक होता – कितना कुछ किया जा सकता है “दो कौड़ी के खेल में”, पर…… Read more “कितना कुछ किया जा सकता था “दो कौड़ी के खेल में””

नमक एक नाटिका – समीक्षा

कोई नाटिका जितनी सरल सी होती है उसकी सरलता को दिखाना उतना ही मुश्किल। नमक https://www.youtube.com/watch?v=n-ZKdFjacGQ सरल ही तो है - एक छोटा सा मंच, 2-4 सामान,… Read more "नमक एक नाटिका – समीक्षा"