थोड़ा है थोड़ा बाकी – “जिन्हें नाज़ है” समीक्षा

आज सुबह की कॉफ़ी पीते वक़्त एक आदमी अचानक मेरे सामने मोपेड रोकता है और मेरी तरफ देखकर मुस्कुराने लगता है। हेलमेट की वजह से पहचानने में…… Read more “थोड़ा है थोड़ा बाकी – “जिन्हें नाज़ है” समीक्षा”

रामप्रसाद की तेहरवी – एक समीक्षा

“क्या रोने वाली मूवी ले के आ गए यार!” फिल्म देखने के बाद जब मैं लिफ्ट से नीचे जा रहा था, मुझे पीछे से एक लड़की की…… Read more “रामप्रसाद की तेहरवी – एक समीक्षा”

नमक एक नाटिका – समीक्षा

कोई नाटिका जितनी सरल सी होती है उसकी सरलता को दिखाना उतना ही मुश्किल। नमक https://www.youtube.com/watch?v=n-ZKdFjacGQ सरल ही तो है - एक छोटा सा मंच, 2-4 सामान,… Read more "नमक एक नाटिका – समीक्षा"